मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015
पत्रकारिता / जनसंचार: समाचार और समाचार लेखन के मुख्य तत्व
शनिवार, 24 अक्टूबर 2015
पत्रकारिता / जनसंचार: गांधी परिवार की सादगी ईमानदारी और देशभक्ति पर कौन ...
शुक्रवार, 21 अगस्त 2015
उपचार और प्रयोग: प्यार क्या होता है जाने मेडिकल साइंस से .......?
बुधवार, 19 अगस्त 2015
उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग: एक मौत धीमे-धीमे-
सोमवार, 29 जून 2015
शनिवार, 27 जून 2015
बुरा भला: जमशेदजी टाटा की पुण्यतिथि पर विशेष
बुरा भला: स्व॰ डॉ. हेडगेवार जी की ७५ वीं पुण्यतिथि
शनिवार, 13 जून 2015
ई- गवर्नेंस : सरकारी सेवायें आपके घर पर
Court-Kacheharee Aur Kanoon-कोर्ट-कचेहरी और कानून: भारत में फलता-फूलता मुकदमेबाजी उद्योग
मंगलवार, 9 जून 2015
चर्चामंच: नाम के इंसान हैं; चर्चा मंच 2001
चर्चामंच: नाम के इंसान हैं; चर्चा मंच 2001
सोमवार, 8 जून 2015
एयरकंडीशन ट्रेन से लोकल ट्रेन तक का सफ़र
देवत्वं
पर सब के अन्दर की सच्चाई क्या है ?????
सोचिये अगर इस्वर का हमारे जीवन में सीधा हस्तछेप हो जाये तो, अगर वो बुरे कर्मो के लिए फटकारने लगे या फिर जज की भूमिका अदा करने लगे तो ......
मेरी समझ से इस्वर का निराकार होना ही उनकी स्वीकार्यता का सबसे बड़ा कारन है ।
शनिवार, 7 मार्च 2015
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का हिस्सा बनने के लिए खाता धारक को अपने आधार कार्ड को बैंक से जोड़ना होगा । इसके बाद प्रति वर्ष 1 जून से पहले एक फॉर्म भरकर बैंक में देना होगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ उठा सकता हैं,
योजना को सुचारू रखने के लिए प्रति वर्ष धारक को एक फॉर्म 1 जून से पहले भरकर जमा करना अनिवार्य हैं जिसके बाद प्रीमियम राशि खाते से बैंक द्वारा ले लि जाएगी ।
दूसरा आप्शन हैं अगर धारक लंबा अनुबंध करना चाहता हैं तब 2 से 4 वर्ष का Long Time Risk Coverage को चुन सकता हैं । इसके तहत प्रीमियम राशि प्रति वर्ष स्वतः बैंक द्वारा खाते से काट ली जाएगी ।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana) की सुविधा :
यह योजना SBI बैंक में उपलब्ध हैं । बाद मे इसे अन्य निजी बैंक अथवा LIC के साथ जोड़ दिया जायेगा ।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत धारक को 2 लाख रुपये का जीवन बीमा दिया जायेगा । चाहे मृत्यु दुर्घटना से हुई हो या सामान्य ।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में प्रीमियम केवल 330 रुपये प्रति वर्ष हैं जो कि एक रूपये दिन से भी कम हैं ।
भविष्य मे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना से जोड़ दिया जाएगी ।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बैंक से जुड़ी होने के कारण खाताधारक को प्रीमियम भरने की तिथी याद रखने की आवश्यक्ता नहीं होगी ।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवम प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अंतर (Difference between Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana In Hindi) :
यह एक बड़ा सवाल हैं कि एक ही बजट में दो अलग अलग बीमा सुविधा क्यूँ दी गई । क्यूंकि इन दोनों योजनाओ में दो मुख्य अंतर हैं
1 प्रीमियम राशि 330 रूपये प्रति वर्ष /12 रूपये प्रति वर्ष.
2 कवरेज नियम मृत्यु कवरेज (एक्सीडेंटल/ सामान्य ) / एक्सीडेंटल कवरेज (पूर्ण 2 लाख / आंशिक 1 लाख ).
3 आयु सीमा 18 वर्ष से 50 वर्ष / 18 वर्ष से अधिक.
4 कवरेज अवधि 50 वर्ष तक / जब तक सुचारू रखे.
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana In Hindi) देश की जनता को विपत्ती के समय दी जाने वाली एक सहायता हैं ।
सुकन्या समृद्धि योजना
इस बजट के बाद से ही सुकन्या समृद्धि योजना चर्चा में है आइये जाने की यह है क्या ।
4 दिसंबर, 2014 को सरकार ने छोटी बचत को प्रोत्साहन देने के लिए बालिकाओं की विशेष जमा योजना ‘सुकन्या समृद्धि खाता’ (Sukanya Samridhi Account) का शुभारंभ किया। 3 दिसंबर, 2014 को सुकन्या समृद्धि खाता नियम-2014 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। सुकन्या समृद्धि खाता बालिका के माता-पिता या संरक्षक द्वारा बालिका के नाम से उसके जन्म लेने से दस वर्ष तक की आयु प्राप्त करने तक खोला जा सकेगा।
प्रमुख बिंदु
यदि कोई बालिका जिसने इस नियम के प्रारंभ होने के एक वर्ष पहले दस वर्ष की आयु प्राप्त कर ली थी वह भी खाता खोलने के लिए पात्र होगी।
जमाकर्ता बालिका के नाम से केवल एक ही खाता खोल और संचालित कर सकता है। माता-पिता या संरक्षक केवल दो बालिकाओं के लिए खाता खोल सकते हैं, जुड़वा बच्चे के संबंध में प्रमाण प्रस्तुत करने पर तीसरा खाता खोलने की अनुमति दी जाएगी।
यह खाता एक हजार रुपये की प्रारंभिक जमा राशि से खोला जाएगा और एक वित्तीय वर्ष में इसमें न्यूनतम एक हजार और अधिकतम एक लाख पचास हजार रुपये जमा किए जा सकेंगे।
खाते में रकम खाता खोलने की तारीख से चौदह वर्ष पूर्ण होने तक जमा की जा सकेगी।
यदि खाते में न्यूनतम राशि जमा नहीं की गई है तो न्यूनतम जमा राशि सहित 50 रु. प्रतिवर्ष के जुर्माने के साथ खाते को नियमित कराया जा सकेगा।
ब्याज अधिसूचित की जाने वाली दर पर वार्षिक या मासिक देय होगी।
खाता बालिका के दस वर्ष आयु पूर्ण करने तक माता-पिता द्वारा खोला और संचालित किया जाएगा। बालिका के दस वर्ष आयु प्राप्त करने के पश्चात वह स्वयं खाता संचालित कर सकेगी।खाता भारत वर्ष में कहीं भी अंतरित किया जा सकेगा।
खाते से जमा राशि के पचास प्रतिशत तक की राशि निकालने की अनुमति तब दी जाएगी जब बालिका अठ्ठारह वर्ष की हो जाएगी।
बालिका की मृत्यु होने पर संरक्षक द्वारा खाता बंद कर दिया जाएगा और राशि ब्याज सहित आहरित कर ली जाएगी।
खाता खोलने की तारीख से इक्कीस वर्ष पूर्ण होने पर खाता परिपक्व होगा।
यदि बालिका का विवाह 21 वर्ष अवधि पूर्ण होने से पहले होता है तो विवाह की तारीख के पश्चात खाते के चालन की अनुमति नहीं होगी। खाता चालन बंद होने के पश्चात आहरण पर्ची द्वारा जमा राशि ब्याज सहित प्राप्त होगी।
कार्यप्रणालीखाता खोलना
इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक खाता खोलना होगा। यह खाता बच्ची के माता-पिता या अभिभावक उसके 10 साल का होने तक खोल सकते हैं। एक बच्ची के नाम पर एक ही खाता खोला जा सकता है। यदि किसी की दो बेटियां हैं तो उसे दो अलग-अलग खाता खोलना होगा। यदि किसी के ट्रिप्लेट्स (तीन) बच्चियां हों तो उसे भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
उम्र
सुकन्या जमा योजना के तहत 10 वर्ष से अधिक उम्र की बच्ची का खाता नहीं खोला जा सकता। है। हालांकि इस वर्ष एक साल की छूट दी गई है।
ब्याज दर
इस योजना के तहत खाते में जमा राशि पर हर वर्ष भारत सरकार की ओर से ब्याज दरों की घोषणा की जाएगी। 2014-15 के लिए ब्याज दर 9.1 प्रतिशत तय की गई है।
स्थानांनतरण की सुविधा
इस खाते को जिस शहर में खोला जाएगा, वहां से किसी दूसरे शहर में भी स्थानांनतरित किया जा सकेगा। यानी पूरे भारतवर्ष में कहीं भी स्थानांनतरित किया जा सकता है।
जमा निधि
इस खाते को न्यूनतम 1000 रुपए की राशि या उसके 100 रुपए के गुणांक के साथ खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 1000 रुपए और अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक इस खाते में जमा किया जा सकेगा। यह राशि खाता खोलने से लेकर 14 वर्ष पूरा होने तक जमा रहेगी।
अर्थदंड यदि किसी खाते में नियमित रूप में राशि जमा नहीं की जाएगी तो उस पर 50 रुपए प्रतिवर्ष का अर्थदंड भी आरोपित किया जाएगा। खाता संचालन
सुकन्या जमा योजना खाते का संचालन बच्ची के अभिभावक द्वारा तब तक किया जाएगा, जब तक कि वह बच्ची 10 वर्ष की न हो जाए। 10 वर्ष की होने के बाद वह बच्ची अपने खाते का संचालन खुद करेगी।
निकासी जब लड़की 18 वर्ष की हो जाएगी तब उसे जमा राशि की 50 फीसदी रकम उच्च शिक्षा के लिए मिल जाएगी। टैक्स में राहत
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खुलने वाले खातों को टैक्स से छूट देने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के तहत खुलने वाले खातों को आयकर कानून की धारा 80-जी के तहत छूट दी जाएगी।
योजना से जुड़ी नवीन जानकारी
पीपीएफ से अधिक ब्याज
सुकन्या समृद्धि खाता 10 साल तक की लड़कियों के लिए खोला जा सकता है। बेटी के 18 साल होने पर इसमें से 50 फीसदी राशि शिक्षा खर्च के लिए निकालने की अनुमति है। 21 वर्ष की उम्र के बाद इसमें से पूरी राशि निकाल सकते हैं। सरकार इस पर 9.10 फीसदी ब्याज दे रही है। सुकन्या खाता में सालाना एक हजार रुपये का निवेश अनिवार्य है और अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।
सुकन्या खाता में निवेश राशि पर ही पहले टैक्स छूट थी लेकिन इस बजट में इसके ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर भी टैक्स छूट दी गई है। इस मामले में यह पीपीएफ के बराबर हो गया जिसपर तीन स्तरों पर टैक्स छूट मिलती है। लेकिन ब्याज के मामले में सुकन्या खाता पीपीएफ से ज्यादा आकर्षक है। पीपीएफ पर 8.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है जबकि सुकन्या खाता पर 0.35 फीसदी ब्याज अधिक है। ऐसी योजनाओ के बारे में हमें ज्यादा से ज्यादा लोगो तक जानकारी पहुँचाने की आवस्यकता है ताकि उनका लाभ उठाया जा सके "राकेश मिश्रा"
साभार बिकसपीड़िया .