सोमवार, 15 जुलाई 2013

कांग्रेस का ओझा

हज़ारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी,. न जाने कितने सवालों की आबरू रखी– मनमोहन सिंह
साम्प्रदायिकता के नंगेपन से धर्मनिरपेक्षता का बुरका अच्छा– सकिल अहमद ,मनीस तिवारी ,अजय माकन 
ये है कांग्रेस के महान लोग और ऐसी है इनकी जबाबदेही ,आरोप का जबाब आरोप से देते है ,पहली बार ये लोग तिलमिला रहे है ,इनकी चमरी कोई उधेर रहा है ,जनता तैयार है नमक लगाने को ,राहुल गाँधी का आभामंडल खत्मः हो गया, और उनका असलियत देस जान गया है,मोदी जी के सवालो में जनता को अपना सवाल दिख रहा है ,जनता कांग्रेस की खिज़ पर मज़े ले रही है ,साम्प्रदायिकता को इन्हों ने शमसान जैसा बना डाला था ,और वहा भुत होने का भ्रम फैला रखा था ,इन्हें मोदी जी के रूप में देस को एक ओझा मिल गया है ,जरुरत है मुसलमानों को हकीकत समझने की वे भी इस देस के नागरिक है तरक्की से उनका भी फायदा होगा ,वो vip है इसका भ्रम उन्हें छोड़ना होगा, इस बार हिन्दू भी अपना वोट का ताकत दिखलायेगा ,नेता उन्हें मुर्ख बनाते है खुद की छोटी छोटी मांगो के बदले में कोंग्रेस को सपोर्ट कर वो अपना और इस देस का नुकसान कर रहे है ,धर्म के प्रति हम भी कोई आपसे कम आदर नहीं रखते पर हम दिखावा कम करते है ,कल ABPन्यूज़ पर बिजय बिद्रोही ने कहा मोदी बुरका शबद के बदले चादर का भी इस्तमाल कर सकते थे. क्यों भाई मुस्लमान कोई कुम्हरा का फुल है जो ऊँगली दिखाने से मुरझा जायेगा ,वे भी इन्सान है इन्सान ही रहने दो ,उन्हें भी उम्मीद करो वे भी धर्म को बाजू में रख देस और समाज के बारे में सोचे ,ये जिमेदारी सिर्फ हिन्दुओ की नहीं है